डीजीपी दीपम सेठ का एक्शन मोड: उत्तरकाशी आपदा राहत अभियान की उच्च स्तरीय समीक्षा

देहरादून।उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने पुलिस मुख्यालय, देहरादून में धराली और हर्षिल क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदा के बाद चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और दूसरे चरण के लिए ठोस रणनीति तय की।

बैठक में SDRF, फायर सर्विस, PAC, पुलिस, दूरसंचार, स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी और टीम लीडर्स मौजूद रहे। डीजीपी ने घटनास्थल पर कार्यरत बलों से रीयल टाइम अपडेट लेते हुए उनके साहस और त्वरित कार्रवाई की सराहना की।

डीजीपी के निर्देश — राहत से रेस्क्यू की ओर तेज़ी

SDRF IG अरुण मोहन जोशी को Incident Commander और कमांडेंट अर्पण यदुवंशी को Deputy Incident Commander नियुक्त।

घटनास्थल को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर जिम्मेदारियां तय करने के आदेश।

SDRF, फायर, PAC और पुलिस बल की तुरंत अतिरिक्त तैनाती।

लापता व्यक्तियों की सटीक सूची स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के साथ समन्वय से तैयार करना।

ड्रोन, थर्मल इमेजिंग कैमरे, विक्टिम लोकेटिंग कैमरे और डॉग स्क्वाड का अधिकतम उपयोग।

खतरनाक इलाकों को रेड फ्लैग कर विशेष उपकरणों से सर्च।

सभी टीमों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने और हर गतिविधि की रीयल टाइम रिपोर्टिंग के निर्देश।

डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि
“आपदा में हर सेकंड कीमती है। मजबूती से समन्वय, त्वरित कार्रवाई और तकनीक का पूरा इस्तेमाल ही जीवन बचाने का सबसे बड़ा हथियार है।”

कठिन मौसम, मार्ग अवरोध और दुर्गम भूगोल के बावजूद, डीजीपी ने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति राहत और बचाव से वंचित न रहे — यही इस अभियान का लक्ष्य है।

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