अपनी माँगो को लेकर विपक्षी विधायकों ने रात सदन में गुज़ारी

गैरसैंण (भराड़ीसैंण) नैनीताल के डीएम का ट्रांसफर, एसपी का सस्पेंशन और मुकदमे वापस लेने की माँग को लेकर कांग्रेस विधायकों ने रात सदन में ही गुज़ारी.. मुख्यमंत्री ने की विपक्षी नेताओं से फ़ोन पर बात, धरना समाप्त करने की अपील पर वह नहीं माने, मुख्यमंत्री धामी ने नैनीताल एवं बेतालघाट में हाल ही में हुए घटनाक्रमों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष और प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संपूर्ण मामले की विस्तृत मजिस्ट्रेट जांच कुमाऊँ मंडल के आयुक्त द्वारा की जाएगी और आयुक्त को यह आख्या पंद्रह दिवस के भीतर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं,घटनाओं के मद्देनज़र मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्यवाही करते हुए बेतालघाट में हुई फायरिंग सहित अन्य घटनाओं को देखते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी भवाली का स्थानांतरण जनपद से बाहर अन्यत्र करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, थानाध्यक्ष तल्लीताल को भी जनपद नैनीताल से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि नैनीताल एवं भवाली में हुई घटनाओं तथा इस दौरान दर्ज समस्त प्राथमिकी की विस्तृत जांच अब सीबीसीआईडी द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी…

वही अब ये आवाज भी उठने लगी है कि
लोकतंत्र में नियम कानून हैं, विधानसभा के अंदर वीडियोग्राफी करना भी अपराध है। विधानसभा सत्र के अलावा विधानसभा के अंदर वीडियोग्राफी नहीं की जा सकती है। नियम कानून को तार पर रख विधायक वीडियो बनाते रहे? उत्तराखंड की राजनीति में जनता को कानून वाले नेता खुद ही कानून का पालन नहीं करते? विधानसभा की जिम्मेदारी विधानसभा अध्यक्ष की होती है अब ऐसे में आज देखना होगा इस पूरी घटना पर विधानसभा अध्यक्ष की क्या प्रतिक्रिया होती है.?

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