अब थराली मे फटा बदल,महीने भर के भीतर पहाड़ों पर दूसरी तबाही,

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जताया अफसोस


उत्तराखंड के पहाड़ों पर इस अगस्त महीने में दो बार बड़ी आपदाएं आई हैं। ये इलाके के लोगों के लिए बेहद दुखद और चुनौतीपूर्ण साबित हुई हैं। महीने की शुरुआत में ही उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने की भीषण घटना हुई इसके बाद शुक्रवार रात चमोली के थराली में भी बादल फटा।पहले धराली फिर थराली की दोनों घटनाओं ने पहाड़ों की नाजुक हालत को फिर से उभारा है। उत्तराखंड के पहाड़ों पर एक महीने के भीतर आई ये दो प्राकृतिक आपदाएं स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पूरे प्रदेश के लिए एक गंभीर चेतावनी बन कर उभरी हैं।22 अगस्‍त को देर रात चमोली जिले की थराली तहसील में बादल फटने की घटना हुई। इसमें एक लड़की की मलबे में दबकर मौत हो गई जबकि एक शख्‍स लापता हो गया। पानी के साथ आए मलबे से दुकान, मकान और गाड‍़‍ियों को नुकसान पहुंचा है।

मलबे से रास्‍ते हुऐ जाम


थराली-ग्वालदम और थराली-सागवाड़ा मार्ग मलबे से अवरुद्ध हो गए, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पिंडर और प्राणमती नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा और गहरा गया है।स्थानीय निवासी रमेश सिंह ने बताया, रात को अचानक तेज आवाज के साथ मलबा और पानी आया। हमारी दुकान और घर पूरी तरह तबाह हो गए। ऐसा लग रहा था जैसे सब कुछ खत्म हो गया।

दुकान और गाड़‍ियां क्षतिग्रस्‍त



थराली क्षेत्र में देर रात करीब 1:00 से 1:30 बजे के बीच बादल फटने की घटना हुई, जिससे भारी तबाही मची। इस आपदा से थराली बाजार, तहसील परिसर, कोटदीप, राड़ीबगड़, चेपडो और सागवाड़ा गांव जैसे क्षेत्रों में भारी मात्रा में मलबा और पानी बहकर आया, जिससे कई घर, दुकानें और वाहन मलबे में दब गए।

सीएम धामी ने जताया अफसोस

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर दुख जताया और कहा कि प्रशासन, SDRF और पुलिस राहत कार्यों में लगे हैं। उन्होंने स्थिति पर निरंतर निगरानी रखने की बात कही। जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स), और NDRF की टीमें घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

राहत-बचाव कार्य तेजी पर


टूनरी गदेरा में बादल फटने से भारी मात्रा में मलबा बहकर आया, जिसने थराली कस्बे और आसपास के गांवों में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। राड़ीबगड़ और चेपडो में कई वाहन मलबे में दब गए, और दुकानों को भी नुकसान पहुंचा। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) मिंग्गदेरा के पास सड़क खोलने के लिए काम कर रहा है ताकि राहत कार्यों को गति मिल सके।

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