दावा-जीएसटी में संशोधन का उत्तराखंड को बड़ा लाभ

होटल व्यवसाय से जुड़े 80 हजार लोग हुए लाभान्वित तो ऑटो कारोबार में पचास हजार लोगों को लाभ

देहरादून, 22 अक्तूबर /दशहरे पर जीएसटी दरों में संशोधन का ऐलान होने के बाद केंद्र और भाजपा शासित राज्य सरकारों के स्तर पर इसके फायदे गिनाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस क्रम में अब यह दावा किया जा रहा है कि जीएसटी की दरों में संशोधन के कारण उत्तराखंड में कृषि, पर्यटन और उद्योग को मजबूती मिली है। इसका फायदा इन क्षेत्रों में रोजगार या स्वरोजगार से जुड़े लगभग 1.5 लाख लोग लाभान्वित हुए हैं।

केंद्र सरकार के पत्र एवं सूचना विभाग के अनुसार हाल ही में जीएसटी दरों में किए गए बदलाव का मकसद सामर्थ्य में सुधार लाना, छोटे उत्पादकों

को सशक्त बनाना और राज्य के पर्यावरण-अनुकूल तथा उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना है। यह सुधार उत्तराखंड के सतत विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो पहाड़ों में आजीविका को बढ़ावा देते हुए मैदानी इलाकों में उभरते औद्योगिक केंद्रों को मजबूत करेगें। दावा किया गया है कि प्रदेश के सभी 13 जिलों में पहाड़ी तुअर दाल की व्यापक खेती होती है। जीएसटी दर 12% से घटाकर 5% करनेसे, इसकी कीमत और अधिक किफायती होने की उम्मीद है, जिससे पहाड़ी तुअर दाल जैविक और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य बाजारों में और अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएगी। इस बदलाव से टिकाऊ पहाड़ी खेती को प्रोत्साहन मिलने और छोटे व सीमांत किसानों की आय की संभावनाओं में सुधार होने की उम्मीद है। इसी तरह लाल चावल पर जीएसटी को 12 प्रतिशत से घटाकर पांच

प्रतिशत किये जाने का लाभ इस खेती से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े करीब 4,000 लोगों को मदद मिलेगा। पीआईबी के अनुसार अल्मोड़ा की जीआई टैग वाली लखोरी मिर्ट भी इसी

श्रेणी में है और इससे करीब पांच हजार मिर्च उत्पाद किसान लाभान्वित होंगे। होटल और रेस्टोरेंट सहित पर्यटन, उत्तराखंड के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 13.57% का योगदान देता है और करीब 80,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार देता है। 7,500 रुपये तक के होटल शुल्क पर जीएसटी दर 12% से घटाकर 5% की गई है। इससे यात्रा और अधिक किफायती होने और नैनीताल, मसूरी, औली, चोपता, मुनस्यारी, हरिद्वार और ऋषिकेश के छोटे होटलों, रेस्टोरेंट और होमस्टे को लाभ की उम्मीद है। ऐपण कला के उत्पादों पर भी अब 12 के बाद पांच प्रतिशत किया गया है।

उद्योग, विनिर्माण एवं खाद्य प्रसंस्करण

उत्तराखंड में 383 पंजीकृत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां हैं, जो मुख्य रूप से रुद्रपुर में स्थित हैं और लगभग 30,000 लोगों को रोजगार देती हैं। जीएसटी दर को 12% से घटाकर 5% करने से मार्जिन में सुधार, मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहन और फल प्रसंस्करण, हर्बल उत्पादों और जैविक खाद्य पदाथों जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे राज्य का कृषि औद्योगिक आधार मजबूत होगा। पंतनगर, रुद्रपुर, हरिद्वार और काशीपुर में फैले ऑटोमोबाइल विनिर्माण क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 50,000 लोग कार्यरत हैं। 1200 सीसी (पेट्रोल) और 1500 सीसी (डीज़ल) तक के वाहनों पर जीएसटी दर 28% से घटाकर 18% करने से कीमतों में लगभग 8-10% की गिरावट आने की उम्मीद है। इससे घरेलू मांग बढ़ेगी, निर्माताओं को मदद मिलेगी और ऑटोमोबाइल मूल्य श्रृंखला में अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

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