काशीपुर। कुमाऊं के लोगों की रगों में नशा खोलने की बड़ी साजिश नाकाम कर दी गई है। पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने काशीपुर में ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम से 18 पेटियों में दो प्रकार के कुल 43,950 प्रतिबंधित इंजेक्शन जब्त किए हैं। खुदरा बाजार में इनकी कीमत 1,32,00,000 रुपये बताई जा रही है। जब्त किए गए इंजेक्शन नियंत्रित औषधि की श्रेणी में आते हैं। इस कार्रवाई के दौरान किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर टीमें दबिश दे रही हैं।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा और एसपी स्वप्न किशोर सिंह ने मंगलवार को इस मामले का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि सोमवार देर शाम पुलिस और एसओजी टीम एनडीपीएस एक्ट में वांछित नजीबाबाद, यूपी के रिपुल चौहान की तलाश में दढ़ियाल रोड पर पहुंची। मुखबिर ने सूचना दी कि रिपुल का माल टांडा उज्जैन में दढ़ियाल रोड पर सेफ एक्सप्रेस ट्रांसपोर्ट के गोदाम में रखा है। रिपुल चौहान ने ये इंजेक्शन नशे के लिए अवैध तरीके से बेचने के लिए मंगवाए थे लेकिन उसके साथी दीपक ठाकुर के बीते 19 नवंबर को पकड़े जाने के बाद रिपुल भाग गया था।Udham Singh Nagar News: कुमाऊं में खपाने के लिए काशीपुर भेजे गए सवा करोड़ के नशीले इंजेक्शन जब्त
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Wed, 17 Dec 2025 12:52 AM IST

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काशीपुर। कुमाऊं के लोगों की रगों में नशा खोलने की बड़ी साजिश नाकाम कर दी गई है। पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने काशीपुर में ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम से 18 पेटियों में दो प्रकार के कुल 43,950 प्रतिबंधित इंजेक्शन जब्त किए हैं। खुदरा बाजार में इनकी कीमत 1,32,00,000 रुपये बताई जा रही है। जब्त किए गए इंजेक्शन नियंत्रित औषधि की श्रेणी में आते हैं। इस कार्रवाई के दौरान किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर टीमें दबिश दे रही हैं।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा और एसपी स्वप्न किशोर सिंह ने मंगलवार को इस मामले का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि सोमवार देर शाम पुलिस और एसओजी टीम एनडीपीएस एक्ट में वांछित नजीबाबाद, यूपी के रिपुल चौहान की तलाश में दढ़ियाल रोड पर पहुंची। मुखबिर ने सूचना दी कि रिपुल का माल टांडा उज्जैन में दढ़ियाल रोड पर सेफ एक्सप्रेस ट्रांसपोर्ट के गोदाम में रखा है। रिपुल चौहान ने ये इंजेक्शन नशे के लिए अवैध तरीके से बेचने के लिए मंगवाए थे लेकिन उसके साथी दीपक ठाकुर के बीते 19 नवंबर को पकड़े जाने के बाद रिपुल भाग गया था।
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पुलिस की टीम दढ़ियाल रोड स्थित सेफ एक्सप्रेस ट्रांसपोर्ट पर पहुंची। ट्रांसपोर्ट कंपनी के ब्रांच हेड पवन कुमार से रिपुल चौहान के माल के बारे में पूछताछ की गई। पता चला कि ट्रांसपोर्ट की बुकिंग ब्रांच जालंधर से वत्सल मेडिकल स्टोर के नाम से दो सिपमेंट सेफ एक्सप्रेस ट्रांसपोर्ट काशीपुर में रिसीव हुए हैं। पुलिस टीम ने ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम से 18 पेटियां बरामद कीं।
इसके बाद वरिष्ठ औषधि निरीक्षक नीरज कुमार और औषधि निरीक्षक निधि शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पेटियों को खोला गया तो उनमें से नशे के इंजेक्शन बरामद हुए। इनकी कुल संख्या 43,950 है। अधिकारियों के अनुसार 16 पेटियों में बाइनोर्फिन (बिप्रेनोर्फिन इंजेक्शन आईपी) के 1598 डिब्बे पैक हैं जिनमें 39,950 इंजेक्शन निकले। इसके अलावा दो पेटियों में रेक्सोजेसिक (बिप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन) के 160 डिब्बे हैं जिनमें कुल चार हजार इंजेक्शन पाए गए। औषधि निरीक्षकों ने खुदरा बाजार में इनकी कीमत 1,32,00,000 रुपये आंकी। एसएसपी ने बताया कि आरोपी रिपुल चौहान की तलाश में संभावित ठिकानों पर पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
शिपमेंट को वापस भेजना था, लेकिन भेजा नहीं जा सका
ट्रांसपोर्ट में ब्रांच हेड पवन कुमार ने बताया कि 18 पेटी जालंधर से रिसीव हुई थीं। बिल पर जो मोबाइल नंबर अंकित था वह स्विच ऑफ आ रहा था। उसके बाद बुकिंग ब्रांच जालंधर के सिमरजीत सिंह ने इस शिपमेंट के लिए दो मोबाइल नंबर और दिए। इनमें एक नंबर स्विच ऑफ और दूसरा ट्रू कॉलर में नाम दीपक ठाकुर लिखा आ रहा था। दूसरे मोबाइल नंबर पर कॉल करने पर कोई महिला बात कर रही थी। उस महिला ने कहा कि वत्सल मेडिकल स्टोर अब बंद हो चुका है। इस शिपमेंट को वापस भेज दें। ट्रांसपोर्ट में ब्रांच हेड ने पुलिस को बताया कि इस शिपमेंट को वापस भेजना था लेकिन वाहन में जगह नहीं होने के कारण भेजा नहीं जा सका।
वत्सल मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त
फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने की कार्रवाई
काशीपुर। एक मेडिकल स्टोर के नाम पर जालंधर से आई प्रतिबंधित इंजेक्शन की खेप के पकड़े जाने पर फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने सख्त रुख अपनाया है। तत्काल प्रभाव से वत्सल मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
वरिष्ठ औषधि निरीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि बीते सोमवार की देर शाम सेफ एक्सप्रेस ट्रांसपोर्ट दढ़ियाल रोड, निकट मारिया स्कूल, टांडा उज्जैन से पुलिस ने 18 पेटी नशे के इंजेक्शन के बरामद किए थे। उन्होंने बताया कि बरामद इंजेक्शनों की औषधीय संरचना, नियमों एवं नियंत्रित पदार्थ श्रेणी के अंतर्गत विस्तृत तकनीकी जांच की गई। जब्त की गईं दोनों दवाएं नियंत्रित औषधि की श्रेणी में आती हैं। इनका परिवहन केवल लाइसेंस प्राप्त इकाइयां कर सकती हैं। वरिष्ठ औषधि निरीक्षक ने बताया कि नशे के इंजेक्शन की भारी खेप मिलने पर वत्सल मेडिकल स्टोर के नाम से जारी लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया है।
पंजाब से लाकर उत्तराखंड के युवाओं की नशों में घोला जा रहा जहर
– काशीपुर से लगभग 500 किमी दूर बैठ कर नशे का धंधा कर रहे नशे के सौदागर
काशीपुर। उड़ता पंजाब की तरह ही नशे के सौदागर उत्तराखंड के युवाओं को भी नशे का आदी बनाने में जुटे हैं। उनकी नशों में जहर घोलने के लिए प्रदेश में ट्रांसपोर्ट के सहारे नशे के इंजेक्शन व टैबलेट की बड़ी-बड़ी खेप भेजी जा रही है।
काशीपुर से लगभग 502 किमी दूर जालंधर (पंजाब) से भारी मात्रा में नशे के इंजेक्शन व टैबलेट की सप्लाई ने पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी पर प्रश्न चिह्न लगा दिया हैं। बिना जांच-पड़ताल के नशे की खेप आसानी से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से अपने ठिकानों पर पहुंच रही है। ट्रांसपोर्टर बताते हैं कि ट्रांसपोर्ट से अलग-अलग फर्मों का विभिन्न प्रकार का माल ट्रकों के माध्यम से एक राज्य से दूसरे राज्य को परिवहन किया जाता है। इसे रास्ते में कहीं चेक नहीं किया जाता है और आसानी से कई बार पेटी बंद प्रतिबंधित सामान अपनी जगह पहुंच जाता है। इसी तरह काशीपुर की सेफ एक्सप्रेस ट्रांसपोर्ट दढ़ियाल रोड, निकट मारिया स्कूल, टांडा उज्जैन नशीले इंजेक्शन की 18 पेटी पहुंच गई जो कि राज्य के युवाओं की नशों में घोलने की तैयारी थीं।
सीओ दीपक सिंह बताते हैं कि बीते कुछ महीनों में इस तरह के मामले प्रकाश में आने के बाद पुलिस मुस्तैद हो गई है। पुलिस अब प्रतिबंधित संबंधित सामग्री का परिवहन ट्रांसपोर्ट व कोरियर के माध्यम से करने का इनपुट मिलने पर चेक करने लगी है। साथ ही पुलिस की वाहन चेकिंग के दौरान भी प्रतिबंधित सामग्री के चेकिंग की जाती है। क्योंकि कई शहरों में ऐसे मामले संज्ञान में आए है कि कोरियर के माध्यम से ड्रग्स की सप्लाई की जा रही है।
जहां आसपास डॉक्टर नहीं फिर भी खुले हैं मेडिकल स्टोर
नगर क्षेत्र हो या ग्रामीण कई ऐसे मोहल्ले हैं जहां आसपास कोई डॉक्टर नहीं होने के बावजूद मेडिकल स्टोरों का संचालन बेधड़क किया जा रहा है। पूर्व में कई बार ड्रग्स विभाग क्षेत्र में छापामारी कर कई मेडिकल स्टोर से प्रतिबंधित दवाओं को बरामद कर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई कर चुका है। वहीं गल्ली-मोहल्ले में खुले मेडिकल स्टोर संचालक कई प्रतिबंधित दवाओं को रखते हैं, जिन्हें डॉक्टर के पर्चे पर देने की नियम है, लेकिन मोटे मुनाफे के चलते ऐसी प्रतिबंधित दवाओं को इन मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर के पर्चे से बेचा जा रहा है।
मेडिकल स्टोरों पर खूब फल फूल रहा नशे का धंधा
– सिस्टम की अनदेखी… नशे के धंधे में लिप्त पिता-पुत्र समेत तीन लोग पूर्व में हो चुके हैं गिरफ्तार
26 दिन में 48,950 इंजेक्शन और 29,296 प्रतिबंधित दवाइयां जब्त कर चुकी है पुलिस
काशीपुर। विभाग की अनदेखी के चलते जिले में नशे के इंजेक्शन व प्रतिबंधित दवाओं का धंधा मेडिकल स्टोरों में खूब पनप रहा है। पुलिस ने बीते 26 दिन में 48,950 नशे के इंजेक्शन और 29296 प्रतिबंधित दवाइयां बरामद की हैं।
बीते 19 नवंबर को टांडा बाग वाली रोड पर पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया था। इस दौरान स्कूटी सवार एक व्यक्ति के पास से स्कूटी पर रखी गत्ते की पांच पेटियों में बिना लाइसेंस और बिना बिलों के पांच हजार अवैध इंजेक्शन और अवैध सिरप की 326 बोतल बरामद हुई थी। इसकी बाजार में कीमत आठ लाख रुपये बताई गई थी। पुलिस ने आरोपी दीपक ठाकुर निवासी ग्राम शक्तिखेड़ा, थाना भगतपुर, जनपद मुरादाबाद (यूपी) को गिरफ्तार किया था।
इसके अलावा बीते सात दिसंबर को ड्रग्स और पुलिस की संयुक्त टीम ने सुल्तानपुर पट्टी स्थित मेडिकल संचालक के घर छापा मारा था और नशे के प्रतिबंधित 23,896 कैप्सूल और 2400 टेबलेट यानी 29,296 प्रतिबंधित दवाइयां बरामद की थीं। मौके से मोबिन मेडिकल स्टोर के संचालक काशिम अली और उसका बेटा मो. उवेश निवासी आदर्शनगर सुल्तानपुर पट्टी को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी पिता-पुत्र युवकों को प्रतिबंधित दवाइयों का एक डिब्बा 800 से 1000 रुपये में बेचते थे, जबकि एक पत्ते को 50 से 80 रुपये में बेचते थे। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बीते सोमवार को दढ़ियाल रोड, निकट मारिया स्कूल, टांडा उज्जैन स्थित सेफ एक्सप्रेस ट्रांसपोर्ट से पुलिस ने 18 पेटी में 43950 नशे के इंजेक्शन बरामद किए हैं। यह नशे के इंजेक्शन की खेप जालंधर से वत्सल मेडिकल स्टोर के नाम पर मंगाई गई थी। नशे के इंजेक्शन मांगने वाला मेडिकल स्टोर संचालक रिपुल चौहान पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। बरामद इंजेक्शन की कीमत एक करोड़ 32 लाख रुपये बताई गई है। संवाद
नशे में डूबता तराई…. स्मैक के बाद अब इंजेक्शन के आदी हो रहे युवा
जिले में इस साल अब तक पकड़े गए थे 1380 इंजेक्शन, काशीपुर में टूटा रिकॉर्ड
रुद्रपुर। नशे से जूझ रहे युवा जिंदगी बर्बाद ही नहीं कर रहे, बल्कि जिले में आपराधिक घटनाओं को बढ़ा रहे हैं। 16 साल के युवा से लेकर 60 साल तक के बुजुर्ग नशे के दलदल में डूबते जा रहे हैं। स्मैक के बाद अब युवा इंजेक्शन का ज्यादा प्रयोग करने लगे हैं। जिले में इस साल पुलिस ने 1380 इंजेक्शन बरामद किए थे। मंगलवार को काशीपुर में पकड़ी गई खेप ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
ऊधम सिंह नगर जिला एक ओर उत्तरप्रदेश से जुड़ता है तो दूसरी ओर नेपाल सीमा से। औद्योगिक हब होने से इस जिले में हर वर्ग के लोग आकर नौकरी कर रहे हैं। ऊधम सिंह नगर में नशा तस्करों पर पुलिस ने भले शिकंजा कसा हो, लेकिन युवा नशे की गर्त में जा रहे हैं। पुलिस रिकार्ड के अनुसार ऊधम सिंह नगर में इस वर्ष अब तक 5.945 किलोग्राम स्मैक व 28.813 किलोग्राम चरस बरामद हो चुकी है। अवैध शराब भी अन्य जिलों की तुलना में अधिक बरामद हुई है।
इस वर्ष पकड़ा गया नशा
जिला चरस स्मैक गांजा इंजेक्शन
अल्मोड़ा 11.204 किग्रा 240 किग्रा 20 किग्रा 100
बागेश्वर 8.056 किग्रा 088 किग्रा 15 किग्रा 60
चंपावत 22.337 किग्रा 1.250 किग्रा 25 किग्रा 70
पिथौरागढ़ 12.666 किग्रा 357 किग्रा 19 किग्रा 20
नैनीताल 25.040 किग्रा 645 किग्रा 120 किग्रा 7745
ऊधम सिंह नगर 28.813 किग्रा 5.945 किग्रा 716.82 किग्रा 800
अपराध को बढ़ावा दे रहा नशा
एसएसपी मणिकांत मिश्रा का कहना है कि नशा युवाओं में आपराधिक प्रवृत्ति को बढ़ा रहा है। पहले युवा शौक के तौर पर नशा करते हैं और बाद में उसके आदी हो जाते हैं। जब उसके पास नशे के पूर्ति के लिए पैसे नहीं होते तो वह चोरी करने लगता है।
नशे से पारिवारिक व सामाजिक संरचना बदल रही है। जिस घर में माता-पिता दोनों काम करते हैं। उनका अकेला बच्चा कुसंगत के कारण नशे का सेवन करने लगता हैं। नशा सामाजिक तौर पर भी बदल रहा है। पार्टी में नशे का सेवन होने लगा है। लोगों को यह समझना होगा कि नशे को प्रोत्साहित न करें। बल्कि उस पर रोक लगाएं। डाॅ. एमके तिवारी, फिजिशियन
नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। यही कारण है कि जिले में सबसे अधिक नशा पकड़ा गया है। सीएम के मिशन नशामुक्त उत्तराखंड के तहत अपराधियों व नशा तस्करों पर कार्रवाई की जा रही है। काशीपुर के मामले में पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। – मणिकांत मिश्रा, एसएसपी
यूएसनगर में 634 लोग अब चाहते हैं नशे की लत से छुटकारा
नशा छोड़ने के बाद 60 से अधिक युवाओं का बदल गया जीवन जीने का अंदाज
रुद्रपुर। युवाओं में बढ़ते ड्रग्स और इंजेक्शन के नशे पर रोक लगाने की कोशिश हो रही है। अब जिले के 634 लोग नशे से छुटकारा चाहते हैं। इन्होंने ओएसटी में अपना पंजीकरण कराया है और नियमित दवा की खुराक लेने पहुंचते हैं।
शहर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित नशा मुक्ति अभियान के तहत अब तक 60 से अधिक युवा ड्रग्स और इंजेक्शन के नशे से मुक्त होकर अपना खुशहाली भरा जीवन व्यतीत कर रहे हैं। जिला अस्पताल में 2013 से संचालित ओरल सब्स्टीट्यूट थेरेपी (ओएसटी) में इन युवाओं के नशा मुक्त होने से उनके परिजन भी बहुत खुश हैं।
सेंटर पर अपनी खुराक लेने पहुंचे मनदीप सिंह बताते हैं की शहर में उनकी तीन इमारतें हुआ करती थी लेकिन नशे की लत के कारण दो इमारतों को पहले बेच चुके हैं। महज 25 साल के मनदीप अपने अतीत को लेकर अफसोस जताते हुए बताते हैं कि दिन रात इंजेक्शन और ड्रग्स की लत के शिकार हो चुके थे। अब करीब एक साल से ट्रिटमेंट लेने के बाद अब पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं। हालांकि दवा छह – सात महीने तक और चलेगी। नशे के चलते लगातार बीमार रहने लगे थे।
जिला अस्पताल के ओएसटी केंद्र पर अपने पति की दवा लेने पहुंची रंजना ने बताया की उनके पति करीब 35 साल से इंजेक्शन व स्मैक का नियमित नशा करते थे। अस्पताल में जांच कराने पर पता चला की नशा नहीं छोड़ने पर उनके कई अंग और भी खराब हो सकते हैं। बताया की करीब एक साल पहले ही यहां के चिकित्सकों की सलाह पर दवा लेना शुरु किया था। परिणाम यह रहा की वह अब नशे की ओर देखते भी नहीं और अब दोबारा से अपना कारोबार खड़ा करने में जुटे हुए हैं।
ओएसटी को लेकर हाल ही में पहुंची कॉमन रिव्यू मिशन (सीआरएम) टीम ने भी ओएसटी की सराहना की है। रोजाना करीब 50 से अधिक नशे के शिकार मरीजों की जांच कर उनका उपचार किया जा रहा है। लगातार नशे के विरुद्ध टीम के जरिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं। -डाॅ. आरके सिन्हा, पीएमएस, जिला अस्पताल

इस्लाम हुसैन
संपादक – कुमाऊँ मिडडे
प्रधान कार्यालय – हुसैन मंजिल, निकट लकडी मंडी चोहरा- जसपुर (उधम सिंह नगर) उत्तराखंड, पिन- 244712
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