पिथौरागढ़।सिम स्वैप करके साइबर क्रिमिनल इस तरह कर रहे हैं लोगों का बैंक अकाउंट खाली- इस साइबर धोखाधड़ी में अपराधी पहले विक्टिम का मोबाइल नम्बर पता करते हैं। फिर टेलीकाॅम ऑपरेटर से उस मोबाइल नम्बर की डुप्लीकेट सिम बनवाकर एक्टिवेट करवा लेते हैं। इससे विक्टिम की असली सिम डिएक्टिवेट होने से वो बन्द हो जाती है। फिर अपराधी थोड़ी सी तिकड़म भिड़ाकर उस नम्बर से जुड़े बैंक अकाउन्ट से ट्रांजेक्शन करने में सक्षम हो जाते हैं क्योंकि जो डुप्लीकेट सिम उनके पास होती है ओटीपी उसी में आती है।
इसलिए अगर आपके मोबाइल में अचानक काॅल और मैसेज आने बन्द हो जाएं या आप काॅल न कर पाएं, मैसेज सेन्ड न हो रहा हो तो सतर्क हो जाएं। हो सकता है कि साइबर अपराधियों के अगले शिकार आप ही हों। साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काॅल करें या केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें .

इस्लाम हुसैन
संपादक – कुमाऊँ मिडडे
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