एक सप्ताह में तलाशकर देंगे शमशान घाट के लिए भूमि

फीका नदी के पास स्थाई शमशान घाट बनवाने को लेकर ग्रामीण अड़े, तहसीलदार ने किया आश्वस्त

जसपुर। फीका नदी के पास स्थाई शमशान घाट बनवाने को लेकर ग्रामीण अड़ गये। सूचना पर पहुंचे अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष, कांग्रेस विधायक, जिला पंचायत सदस्य एवं तहसीलदार ने मौके का मुआयना किया तथा नदी के पास से सफाई कराकर चबूतरा बनाने की कोशिश की। तहसीलदार द्वारा शमशान घाट के लिए एक सप्ताह में सरकारी जमीन देने के आश्वासन पर लोग माने।

विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धर्मपुर, आसपुर, उमरपुर, बहेड़ी, किशनपुर, मकौनिया, ढाढीपुरा में शमशान घाट नहीं होने की वजह से ग्रामीण अपने लोगों का दाह संस्कार करने के लिए अफजलगढ़ रोड स्थित फीका नदी के पास आते है। बरसात के दिनों में ग्रामीणों को दाह संस्कार करने में खासी दिक्कत होती है। बताते है कि तीन दिन पहले इन गांवों के ग्राम प्रधानों ने जिपं सदस्य नईम प्रधान के संग एक बैठक कर नदी के पास एक पक्का शमशान घाट बनाने की बात कही। तब सरकारी जमीन तलाशने अथवा जमीन क्रय करने पर चर्चा हुई।

रविवार को इन गांवों के लोग नदी के पास एकत्र हुए। सूचना पर

एससी आयोग अध्यक्ष मुकेश कुमार, विध ायक आदेश चौहान, एनएच के प्रोजेक्ट हेड कै. जीके सिंह, तहसीलदार दलीप सिंह, कोतवाल राजेंद्र सिंह डांगी आदि पहुंच गए। ग्रामीणों का कहना था कि गांवों में शमशान घाट नहीं है। पिछले एक सौ साल से लोगों का दाह संस्कार नदी के पास होता है। बरसात में और दिक्कत होती है। लिहाजा नदी के पास ही एक पक्का शमशान घाट बनाया जाए। ग्रामीणों की बात सुनकर विधायक शमशान घाट बनाने पर अड़ गए। उन्होंने जेसीबी मंगाकर नदी के पास की सफाई कराई। साथ ही

चबूतरा बना दिया। तहसीलदार ने विध प्यक एवं अन्य लोगों को आश्वस्त किया कि वह एक सप्ताह में शमशान घाट के लिए भूमि तलाशकर देंगे। तहसीलदार के आश्वासन पर लोग घरों को लौटे। जिपं सदस्य नईम प्रधान ने बताया कि तहसीलदार के आश्वासन के बाद ग्रामीण मान गए है। तहसीलदार दलीप सिंह ने बताया कि जगह के चयन के लिए एक सप्ताह का समय मांगा गया है। इस अवसर पर नरेंद्र सिंह, महिपाल, भूपाल सिंह, रामपाल, सुरेंद्र सिंह, नरेश कुमार, सुरजीत ढिल्लो, बॉबी, राहुल, रिपुदमन, सर्वेश,

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