पूर्व छात्रसंघ सचिव की गर्भवती पत्नी और पिता को उठा लाई पुलिस, आधी रात धरने पर बैठे छात्रनेता

रुदपुर। कॉलेज के बाहर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने मंगलवार रात पूर्व छात्रसंघ सचिव के घर दबिश दी। छात्रनेता के नहीं मिलने पर पुलिस उनकी गर्भवती पत्नी और पिता को उठाकर कोतवाली ले आई। इसका पता चलते ही छात्र नेताओं में आक्रोश फैल गया। रात दो बजे छात्रनेता कोतवाली पहुंचे और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ने पर कोतवाल ने धरने पर बैठे छात्रसंघ अध्यक्ष की गर्दन पकड़ी और धक्का मार दिया जिससे माहौल और गरमा गया। बुधवार को पुलिस ने पूर्व छात्रसंघ सचिव की पत्नी को छोड़ा। इसके बाद आक्रोशित छात्र नेताओं ने धरना समाप्त किया।

बता दें कि बीते 24 सितंबर को कॉलेज के बाहर नामांकन के दौरान फायरिंग हुई थी। इस मामले में पुलिस गैंगस्टर गगन रतनपुरिया को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है जबकि 11 नामजद फरार हैं।मंगलवार रात पुलिस ने फायरिंग के मामले में पूर्व छात्रसंघ सचिव सचिन गंगवार के घर दबिश दी। सचिन के नहीं मिलने पर पुलिस पूछताछ के लिए उनकी गर्भवती पत्नी व पिता को ले आई। इसकी जानकारी पर छात्रसंघ अध्यक्ष रजत बिष्ट व सचिव जसवंत सिंह की अगुवाई में कई छात्रनेता रात दो बजे कोतवाली पहुंच गए और दोनों को छोड़ने की मांग की।
पुलिस ने हिरासत में लिए बहू और ससुर को नहीं छोड़ा तो छात्रनेता भड़क गए। इसके बाद वह कोतवाली के बाहर धरने पर बैठकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। धरने की सूचना पर पहुंचे कोतवाल मनोज रतूड़ी ने छात्रनेताओं को समझाने का प्रयास किया। जब वह नहीं माने तो उन्होंने छात्रसंघ अध्यक्ष को जबरन उठाने का प्रयास किया।
इस दौरान दोनों में धक्का-मुक्की हो गई। कोतवाल एक वीडियो में छात्रसंघ अध्यक्ष की गर्दन पकड़कर धक्का मारते हुए दिख रहे हैं। हंगामा बढ़ा तो बुधवार सुबह पुलिस ने पूर्व छात्रनेता की पत्नी को छोड़ दिया। इस पर छात्रनेता शांत हुए।
इस मौके पर उपाध्यक्ष चेतन भट्ट, कोषाध्यक्ष मोहन कोली, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अंग्रेज सिंह, गोपाल पटेल, गिरीश पाल आदि मौजूद रहे।
आरोपियों को छोड़कर निर्दोष को पकड़ रही पुलिस
छात्रसंघ अध्यक्ष रजत बिष्ट व सचिव जसवंत सिंह का कहना था कि पुलिस फायरिंग के मामले में आरोपियों को नहीं पकड़ पा रही है। जिसका इस घटना से कोई लेनादेना नहीं है उसे पकड़ने की कोशिश कर रही है। दोनों छात्रनेताओं ने बताया कि घटना के दिन सचिन गंगवार मौके पर नहीं थे। पुलिस जबरन उन्हें इस मामले में घसीटना चाहती है जबकि नामजद आरोपियों को नहीं पकड़ा जा रहा है।
पुलिस के खिलाफ लगे मुर्दाबाद के नारे
धरने पर बैठे छात्रनेताओं ने पुलिस के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। देर रात धरने में लोगों की संख्या बढ़ती रही। सुबह कई छात्र धरने को समर्थन देने के लिए पहुंच गए जिसके बाद पुलिस को महिला को छोड़ना पड़ा।

की जा रहीँ हे निष्पक्ष जांच:प्रशांत कुमार,

सीओ प्रशांत कुमार का कहना हे कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। फायरिंग व अराजकता करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। पुलिस व एसओजी उनकी तलाश कर रही है। पूर्व छात्रसंघ सचिव के परिजनों को पूछताछ के लिए लाया गया था। हर बात के लिए धरना देना गलत है। –

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