तराई में दूसरे दिन भी कोहरे ने ओढ़ी चादर, कंपकंपी छूट गई; जनजीवन अस्त-व्यस्त, वाहन चालकों को हुई दिक्कत

रुद्रपुर/जसपुर।तराई में लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी कोहरा छाया रहा। इससे वाहन संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बीते मंगलवार की शाम से कोहरा छा गया था। रात में जिला मुख्यालय रुद्रपुर, काशीपुर, जसपुर,खटीमा के साथ ही कई इलाकों में घना कोहरा छा गया था।

बुधवार सुबह आठ बजे तक तराई कोहरे के आगोश में रहा। कोहरे से पानी की बूंदें टपकने से ठंड का असर बढ़ गया था। हालांकि मंगलवार की अपेक्षा बुधवार को जिला मुख्यालय रुद्रपुर में दृश्यता कुछ अधिक थी। सुबह नौ बजे बाद कोहरा छंटने से राहत मिली। 10 बजे के बाद हल्की धूप निकल आई थी। मौसम विज्ञानी आने वाले कुछ दिनों तक मौसम के ऐसे ही बने रहने के आसार बता रहे हैं। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एएस नैन के अनुसार बृहस्पतिवार को भी हल्का कोहरा छाने के आसार हैं।

काशीपुर में भी बुधवार को घने कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। कोहरे के चलते खासतौर पर नेशनल हाईवे 309 और मुख्य सड़कों पर परेशानी अधिक देखी गई। सुबह स्कूली बच्चों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को भी दिक्कत हुई। कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता 20 से 30 मीटर के आसपास रही। अधिकांश वाहन चालक हेडलाइट जलाकर चलते नजर आए। कुछ स्थानों पर वाहनों की गति धीमी रही। सुबह अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोहरे के चलते दोपहर तक सूरज के दर्शन नहीं हुए जिससे ठंड में इजाफा हुआ। मौसम विशेषज्ञों ने फिलहाल सुबह-शाम ठंड के अलावा कोहरे की आशंका जताई है।

खटीमा क्षेत्र में भी बुधवार को भी घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण ट्रेनों और रोडवेज बसों की रफ्तार भी धीमी रही। इससे कई ट्रेनें और बसें विलंब से पहुंचीं। मौसम वेधशाला के प्रभारी नरेंद्र रौतेला ने बताया कि बुधवार को क्षेत्र का अधिकतम तापमान 19 व न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस रहा। बृहस्पतिवार को भी इसी तरह कोहरा छाए रहने की संभावना है।

धुंध से लगा ब्रेक : देरी से पहुंच रहीं रोडवेज बसें
रुद्रपुर में पिछले दो दिन से मैदानी इलाकों में धुंध छाने से बसों और ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा है। रोडवेज की बसें देरी से गंतव्य तक पहुंच रही हैं। लंबी दूरी की बसों को नियत स्थान में पहुंचने पर अधिक समय लग रहा है।

रुद्रपुर में दृश्यता कम होने से सबसे अधिक प्रभाव दिल्ली, लखनऊ, अयोध्या, लुधियाना रूट की बसों पर पड़ रहा है। इन रूटों की बसें एक से डेढ़ घंटे की देरी से पहुंच रही हैं। रोडवेज डिपो के सहायक महाप्रबंधक श्रीराम कौशल का कहना है कि रुद्रपुर से दिल्ली पहुंचने में अमूमन छह घंटे लगते हैं। इन दिनों सात से साढ़े सात घंटे लग रहे हैं। दिल्ली के लिए डिपो से हर रोज 14 बसों का संचालन होता है। लखनऊ, अयोध्या, लुधियाना की बसें भी एक से डेढ़ घंटे की देरी से पहुंच रही हैं। अन्य दिनों लुधियाना 12 घंटे में बस पहुंच जाती थी। इन दिनों 13 से साढ़े तरह घंटे लग जा रहे हैं। लखनऊ की बस भी आठ घंटे के स्थान पर नौ, साढ़े नौ घंटे में पहुंच रही है। कहा कि बस चालकों को रफ्तार पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए हैं ताकि अप्रिय घटना न हो।

काशीपुर में भी दिसंबर के तीसरे सप्ताह के मंगलवार और बुधवार को कोहरे की मार ने ट्रेनों, बसों की रफ्तार रोक दी। काशीपुर डिपो से दिल्ली, गुरुग्राम, जयपुर, मुरादाबाद, बरेली, देहरादून और हरिद्वार के लिए बसों का संचालन होता है। डिपो से दिल्ली के लिए 16 से अधिक बसें संचालित होती हैं। कोहरे के कारण बसों की रफ्तार कम हो गई है। ऐसे में दिल्ली से आने वाली बसें दो से तीन घंटे देरी से पहुंच रही हैं।

फोरमैन मो. यामीन ने बताया कि इन बसों में नए ऑटोमेटिक बल्ब लगाए गए हैं। ये बल्ब हर माैसम में काम करते हैं। कोहरे के समय स्वत: ही रोशनी में परिवर्तन कर देते हैं।

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