सितारगंज सड़क हादसा:जवान बेटे का शव देख फफक पड़ी मां, फट गया पिता का कलेजा

सितारगंज में नए साल का जश्न मना कर हल्द्वानी से लौट रहे दो दोस्तों की सड़क हादसे में मौत हो गई जबकि, तीसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। किच्छा हाईवे पर हुए इस सड़क हादसे ने दो परिवारों से उनके जवान बेटों को छीन लिया। गांव में जवान बेटों की मौत की खबर से हर किसी का दिल पसीज गया और आंखें डबडबा उठीं। दोनों परिवारों में मातम पसर गया।

इकलौते जवान बेटे जुगनप्रीत का शव देख माता-पिता का धैर्य जवाब दे गया। दोनों फफक कर रोने लगे और जमीन पर गिर गए। बेबस पिता बार-बार यही कह रहे थे कि जवान बेटे के शव का भार उठाने की हिम्मत अब इन कंधों पर नहीं रही। आंखों से निकलते आंसू उनकी व्यथा को बयां कर रहे थे।जुगनप्रीत का भरा-पूरा परिवार गम के समंदर में डूब सा गया। हर किसी की जुबान पर एक ही बात थी कि बहुत बड़ा हादसा था जिसने भरे-पूरे परिवार को दुखों के सागर में डुबो दिया। अब बूढ़े हो रहे माता-पिता का सहारा कौन बनेगा?

गांव साबेपुर निवासी जुगनप्रीत सिंह (17) एनआईओएस से इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा था। इसी के साथ वह मोबाइल की दुकान में काम भी कर रहा था। उसके पिता वीरेंद्र जीत सिंह रुद्रपुर में रहकर काम करते हैं जबकि उसकी मां घर पर रहती है।

गांव बघौरी निवासी सैफ खान (27) की सितारगंज स्थित मीना बाजार में आई वर्ल्ड नाम से मोबाइल की दुकान है। उसके पिता इशाक अहमद खेती-किसानी करते हैं। दो भाइयों में वह छोटा था। तीसरे साथी गांव सिसैया निवासी सोहेल अंसारी की हालत नाजुक बनी हुई है। एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।

नैनीताल जाने का था प्लान, भारी जाम के कारण हल्द्वानी से लौटे

मृतक सैफ के परिजनों ने बताया कि दो-तीन वाहनों से उसके कई दोस्त नए साल पर जश्न मनाने के लिए नैनीताल के लिए रवाना हुए थे। सड़क जाम होने के चलते वह हल्द्वानी से पार्टी करके घर लौट रहे थे। सैफ को अपने मित्र सोहेल अंसारी को सिसैया छोड़ते हुए जुगनप्रीत सिंह को साबेरपुर छोड़ना था। इसीलिए वह किच्छा होते हुए सितारगंज आ रहा था जबकि उसके अन्य साथी गौलापार होते हुए चोरगलिया से सितारगंज आए थे। इसी दौरान किच्छा हाईवे पर गांव बरा के पास उनका वाहन दुर्घटना का शिकार हो गया।

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