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ब्राइट स्टार्ट इंटरनेशनल एकेडमी में शिक्षकों को मिला आधुनिक शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण

ब्राइट स्टार्ट इंटरनेशनल एकेडमी, जसपुर में 30 व 31 मई तथा 1 जून को सीबीएसई के तत्वावधान में शिक्षकों के लिए तीन महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यशालाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), एक्टिव लर्निंग तथा पर्यावरण शिक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे समसामयिक विषयों पर विशेषज्ञों ने शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया।
कक्षा शिक्षण में एआई के उपयोग विषय पर आयोजित कार्यशाला में शिक्षाविद् श्री प्रतीक गोयल एवं श्री अश्वनी कुमार दुबे ने शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न शैक्षिक उपयोगों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई की सहायता से शिक्षण सामग्री निर्माण, मूल्यांकन, व्यक्तिगत अधिगम तथा समय प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।


सीबीएसई क्षमता निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित ‘एक्टिव लर्निंग’ कार्यशाला में संसाधन व्यक्ति श्रीमती बहार कौर एवं सुश्री अनीता सिवाच ने शिक्षकों को छात्र-केंद्रित शिक्षण, सहयोगात्मक अधिगम तथा कक्षा में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के विभिन्न उपायों से अवगत कराया।
वहीं ‘पर्यावरण शिक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में डॉ. एस. एफ. खान एवं श्रीमती प्रिया सुखीजा ने पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास तथा विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रमों का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं पौध भेंट के साथ किया गया। कार्यशालाओं में शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न गतिविधियों एवं चर्चाओं के माध्यम से नवीन शिक्षण पद्धतियों की जानकारी प्राप्त की।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मधु शर्मा ने कहा कि बदलते शैक्षिक परिदृश्य में शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सीबीएसई द्वारा आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावसायिक दक्षता में वृद्धि करते हैं, जिससे वे भविष्य के जिम्मेदार एवं जागरूक नागरिकों के निर्माण में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में संसाधन व्यक्तियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रतिभागी शिक्षकों ने इन कार्यशालाओं को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।

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