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ब्राइट स्टार्ट इंटरनेशनल एकेडमी के विद्यार्थियों ने सीखे जीवन रक्षक कौशल

एनडीआरएफ की टीम ने प्राथमिक उपचार, सीपीआर, अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन का दिया प्रशिक्षण

जसपुर, 24 अक्टूबर। ब्राइट स्टार्ट इंटरनेशनल एकेडमी में शनिवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के अधिकारियों एवं जवानों ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं को विभिन्न जीवन रक्षक कौशलों की जानकारी दी। विद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में सूझबूझ से काम लेने, घायलों की सहायता करने तथा आपदाओं के दौरान स्वयं और दूसरों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में एनडीआरएफ के सब-इंस्पेक्टर श्री अजय भाटिया के नेतृत्व में टीम के सदस्यों अनिल परिहार, विवेक चंद, प्रवीन, नितिन कुमार, सचिन, राहुल एवं कपिल कुमार ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक उदाहरणों और प्रदर्शन के माध्यम से विभिन्न जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारी दी।
कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यार्थियों को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) की प्रक्रिया और उसके महत्त्व के बारे में बताया गया। टीम ने समझाया कि आपातकालीन स्थिति में सही समय पर दी गई सहायता किसी व्यक्ति की जान बचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

एनडीआरएफ की टीम ने बताया कि किसी व्यक्ति के गले में खाद्य पदार्थ या कोई अन्य वस्तु फंसने पर किस प्रकार सहायता की जा सकती है। इस दौरान छोटे बच्चों के गले में वस्तु फंसने की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्राथमिक सहायता की विधि का प्रदर्शन भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान खेलते समय, कार्य करते हुए अथवा किसी प्राकृतिक आपदा के बाद चोट लगने की स्थिति में प्राथमिक उपचार देने के तरीके समझाए गए। गंभीर दुर्घटना में हाथ या पैर कट जाने जैसी परिस्थितियों में घायल व्यक्ति की सहायता करने तथा तत्काल राहत उपलब्ध कराने के उपायों की जानकारी भी दी गई।

इसके अतिरिक्त, साधारण कपड़े और डंडों की सहायता से अस्थायी स्ट्रेचर तैयार करने की विधि का प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि आपातकालीन परिस्थितियों में उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग करके घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में किस प्रकार सहायता की जा सकती है।
एनडीआरएफ की टीम ने भवनों में आग लगने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, आग से बचाव करने तथा अग्निशमन उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी। इस दौरान आग लगने पर बरती जाने वाली सावधानियों और सुरक्षित निकासी के महत्त्व पर भी प्रकाश डाला गया।

उत्तराखंड को भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील राज्य बताते हुए टीम ने विद्यार्थियों को भूकंप के दौरान सुरक्षित रहने के उपाय समझाए। उन्हें बताया गया कि भूकंप के झटके महसूस होने पर घबराने के बजाय शांत रहना चाहिए। भवन के अंदर होने पर मजबूत मेज के नीचे झुककर सिर और गर्दन को बचाना चाहिए तथा खिड़कियों और अन्य खतरनाक वस्तुओं से दूर रहना चाहिए। भूकंप के दौरान लिफ्ट का उपयोग न करने और झटके रुकने के बाद सावधानीपूर्वक सुरक्षित स्थान पर जाने के महत्त्व के बारे में भी बताया गया।
कार्यक्रम में बाढ़ अथवा पानी में डूबने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव के उपायों पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों को लाइफ जैकेट के उचित उपयोग तथा प्लास्टिक की खाली बोतलों और थर्माकोल जैसी उपलब्ध वस्तुओं से तैयार किए जाने वाले अस्थायी तैरने वाले सहायक उपकरणों के बारे में जानकारी दी गई। टीम ने आपदा के समय उपलब्ध संसाधनों का सुरक्षित और विवेकपूर्ण उपयोग करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। एनडीआरएफ के कर्मियों ने उनके प्रश्नों के उत्तर देते हुए व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समस्याओं के समाधान समझाए। इस गतिविधि से विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षा से जुड़े महत्त्वपूर्ण कौशलों को समझने का अवसर मिला।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के एकेडमिक हेड श्री दीपक मारवाह ने एनडीआरएफ की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को जीवनोपयोगी कौशल सिखाने के साथ-साथ उनमें जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और संकट के समय दूसरों की सहायता करने की भावना विकसित करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के विद्यार्थियों के द्वारा भूकंप से संबंधित मॉकड्रिल में प्रतिभाग किया गया। इस दौरान हूटर बजाकर विद्यार्थियों को कक्षा से सुरक्षित बाहर निकलने की प्रक्रिया एवं कक्षा में टेबल के नीचे सुरक्षित रहने की प्रक्रिया की मॉक ड्रिल संपन्न की गई। छात्र-छात्राओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए इस प्रकार के आयोजन विद्यालय में प्रतिवर्ष आयोजित किए जाते हैं। यह तीसरा वर्ष है जबकि इस तरह का आयोजन किया गया। इससे पूर्व विद्यालय के विद्यार्थियों को एनडीआरएफ के गदरपुर कैंप में भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया था। इसी श्रृंखला के द्वितीय चरण में एनडीआरएफ के जवानों ने विद्यालय में आकर विद्यार्थियों को आपदा से निपटने के कौशल सिखाए।
इस कार्यक्रम विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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