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स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2026 के क्रम में पखवाड़े के 21वें दिन वार्ड संख्या 44 एवं 45 में स्रोत पर कचरा पृथक्करण (Source Segregation) को लेकर विशेष जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई

हल्द्वानी 10 अक्टूबर 2026

स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2026 के क्रम में पखवाड़े के 21वें दिन वार्ड संख्या 44 एवं 45 में स्रोत पर कचरा पृथक्करण (Source Segregation) को लेकर विशेष जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई

यह कार्यक्रम नगर आयुक्त, नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम परितोष वर्मा के दिशा-निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य नागरिकों को घर से ही कचरे को अलग-अलग रखने, कचरे के उचित संग्रहण एवं निस्तारण की प्रक्रिया समझाने तथा स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
चार प्रकार के स्रोत पर कचरा पृथक्करण की दी गई जानकारी

कार्यशाला के दौरान बैंणी सेना प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज नेगी ने नागरिकों को कचरे की चार प्रमुख श्रेणियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। रसोई से निकलने वाला बचा हुआ भोजन, फल-सब्जियों के छिलके तथा अन्य जैविक कचरा।कागज, कार्डबोर्ड, प्लास्टिक, कांच, धातु एवं अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री इस्तेमाल किए गए डायपर, सैनिटरी पैड तथा अन्य संबंधित कचरा। इसे सुरक्षित रूप से पैक करके अलग देना चाहिए बैटरी, बल्ब, ई-वेस्ट एवं अन्य ऐसी घरेलू सामग्री जिसे सामान्य कचरे के साथ नहीं मिलाना चाहिए।

मनोज नेगी ने बताया कि स्रोत पर कचरा पृथक्करण तभी प्रभावी होता है, जब घर में कचरे को अलग रखने के साथ संग्रहण के समय भी उसे अलग-अलग ही सौंपा जाए।

कार्यशाला में नागरिकों को बताया गया कि गीले और सूखे कचरे को मिलाने से पुनर्चक्रण की प्रक्रिया प्रभावित होती है तथा जैविक कचरे से कम्पोस्ट बनाने में भी कठिनाई आती है।प्रत्येक परिवार को घर में ही कचरे को निर्धारित श्रेणियों के अनुसार अलग रखने, नगर निगम की कचरा संग्रहण व्यवस्था में सहयोग करने और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाने के लिए प्रेरित किया गया कार्यक्रम में बैंणी सेना प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज नेगी तथा SBM टीम से मनीष पांडे उपस्थित रहे।

टीम द्वारा नागरिकों को स्रोत पर कचरा पृथक्करण, उचित कचरा प्रबंधन और स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के संबंध में जागरूक किया गया

स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत वार्ड 44 एवं 45 में आयोजित यह कार्यशाला नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने और जिम्मेदार कचरा प्रबंधन की आदत विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही।नागरिकों से अपील की गई कि वे गीला, सूखा, सेनेटरी एवं विशेष देखभाल वाला कचरा अलग-अलग रखें, निर्धारित संग्रहण व्यवस्था का पालन करें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।

“कचरा घर से ही अलग करें, स्वच्छता में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।”

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