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श्री साई शिक्षण संस्थान के स्वयंसेवकों ने महुआ डाबरा में निकाली साक्षरता और डिजिटल इंडिया जागरूकता रैली

साक्षरता ही किसी भी उन्नत समाज के विकास की पहली सीढ़ी: राजकुमार

जसपुर (उधम सिंह नगर)। क्षेत्र के प्रतिष्ठित श्री साई शिक्षण संस्थान के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) स्वयंसेवकों द्वारा नगर पंचायत महुआ डाबरा में ‘साक्षरता एवं डिजिटल इंडिया’ विषय पर एक भव्य जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य स्थानीय जनता को शिक्षा के महत्व से जोड़ना और वर्तमान डिजिटल युग के विभिन्न माध्यमों के प्रति जागरूक करना था।


पदाधिकारियों ने किया मार्गदर्शित:
रैली के शुभारंभ से पहले संस्थान के प्रांगण में एक विशेष सभा का आयोजन किया गया, जिसमें कॉलेज के पदाधिकारियों ने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया:

  • संस्थान के चेयरमैन राजकुमार ने अपने संबोधन में कहा कि साक्षरता ही किसी भी उन्नत समाज के विकास की पहली सीढ़ी है। उन्होंने युवाओं से इस ज्ञान रूपी रोशनी को हर घर तक पहुंचाने की अपील की।
  • प्राचार्या देविका रावत जी ने शिक्षा के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता को आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया। उन्होंने ग्रामीण परिवेश में महिलाओं और युवाओं को तकनीक से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
  • कार्यक्रम अधिकारी संदीप कुमार जी ने स्वयंसेवकों को रैली की रूपरेखा समझाते हुए इसके सामाजिक उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और सभी को सेवा भावना से काम करने की शपथ दिलाई।
  • कौशल सर ने ग्रामीणों को डिजिटल इंडिया के व्यावहारिक लाभ समझाए। उन्होंने ऑनलाइन बैंकिंग, सुरक्षित यूपीआई ट्रांजेक्शन और सरकार की विभिन्न डिजिटल कल्याणकारी योजनाओं की महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
    जनता को किया जागरूक:
    वरिष्ठ पदाधिकारियों के भाषणों के पश्चात स्वयंसेवकों ने हाथों में ‘साक्षर समाज-उन्नत समाज’ और ‘डिजिटल इंडिया-सुरक्षित इंडिया’ जैसे प्रेरणादायक स्लोगन और तख्तियां लेकर पूरे महुआ डाबरा क्षेत्र में भ्रमण किया। रैली के दौरान स्वयंसेवकों ने गांव की जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें ऑनलाइन टूल्स और डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत किया। स्थानीय नागरिकों ने संस्थान के इस सराहनीय प्रयास की खूब प्रशंसा की।

इस विशेष अवसर पर डॉ. शैलजा सिंह, नेहा दुबे, हंसिका, नदीम, दिलराज, डॉ. रागिनी बंसल, परवीन, लोकेश सहित संस्थान के कई शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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