: 06 मई 2026
आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत जनपद स्तरीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) श्री कौस्तुभ मिश्र की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जनपद में आपदा प्रबंधन एवं मानसून से संभावित जोखिमों के प्रभावी निवारण हेतु विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी श्री उमाशंकर नेगी द्वारा पीपीटी के माध्यम से विगत वर्ष की आपदाओं एवं उनसे संबंधित अनुभवों की जानकारी प्रस्तुत की गई। अपर जिलाधिकारी महोदय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर निकायों द्वारा किए गए प्रथम एवं द्वितीय चरण के सफाई कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि इन प्रयासों से जनपद में जलभराव की समस्या में कमी आई है। उन्होंने निर्देशित किया कि वर्ष 2026 में भी इसी क्रम को और अधिक प्रभावी ढंग से जारी रखा जाए।
उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि फसल क्षति की सूचनाएं समय से आपदा प्रबंधन कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएं, जिससे उक्त सूचनाएं शासन स्तर तक समयबद्ध रूप से प्रेषित की जा सकें। साथ ही सभी संबंधित विभागों को मानसून अवधि में संभावित जलभराव एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पूर्व वर्षों में जलभराव एवं बाढ़ की अधिक समस्या रही है, वहां विशेष रूप से जल निकासी एवं सुरक्षात्मक कार्यों पर ध्यान दिया जाए तथा संवेदनशील स्थलों का चिन्हांकन समय से पूर्ण किया जाए। संभावित आपदा के समय उपयोग में लाए जाने वाले पंचायत भवन, विद्यालय, राधा स्वामी सत्संग भवन एवं सामुदायिक भवनों को आश्रय स्थलों के रूप में तैयार रखते हुए वहां बिजली, पानी, शौचालय एवं स्वच्छता की समुचित व्यवस्था का भौतिक निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी नदी, नाले अथवा नहर में ड्रेजिंग अथवा मलबा हटाने की आवश्यकता हो तो संबंधित उप जिलाधिकारी सिंचाई, लोक निर्माण विभाग एवं निकाय अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर प्रस्ताव प्रस्तुत करें। नगर निकायों को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग एवं छिड़काव कार्य जारी रखने के निर्देश भी दिए गए।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं लोक निर्माण विभाग को सड़कों, पुलों एवं पुलियों के नीचे जमा मलबे की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अतिरिक्त अग्निशमन विभाग एवं एसडीआरएफ को उपलब्ध आपदा उपकरणों का भौतिक परीक्षण कर उसकी रिपोर्ट जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि नदी चैनलाइजेशन, नालों एवं नालियों की सफाई का कार्य 15 जून से पूर्व अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। विद्युत विभाग को विद्युत लाइनों के समीप स्थित पेड़ों की लॉपिंग-चॉपिंग, जर्जर विद्युत पोलों का प्रतिस्थापन एवं ढीले तारों को कसने के निर्देश दिए गए।
जिला पूर्ति अधिकारी को आपदा के दौरान खाद्य सामग्री वितरण हेतु निर्धारित मानकों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में नगर आयुक्त श्रीमती शिप्रा जोशी, ओसी श्री हिमांशु कफल्टिया, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी श्री उमाशंकर नेगी, अधिशासी अभियंता सिंचाई श्री बी.एस. डांगी, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रीमती विद्या सिंह सोमनाल, जिला पूर्ति अधिकारी श्री विनोद चन्द्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही सभी उप जिलाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।

इस्लाम हुसैन
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